भारत में लैंगिक भूमिकाओं में परिवर्तन: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Abstract
भारतीय समाज में लैंगिक भूमिकाएँ लंबे समय तक पारंपरिक सामाजिक संरचनाओं और पितृसत्तात्मक मान्यताओं से प्रभावित रही हैं। समय के साथ शिक्षा, औद्योगीकरण, आर्थिक विकास, शहरीकरण और सरकारी नीतियों के प्रभाव से इन भूमिकाओं में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहा है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के संदर्भ में लैंगिक भूमिकाओं में हो रहे परिवर्तनों का विश्लेषण करना है। इस अध्ययन में प्राथमिक और द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का उपयोग किया गया। प्राथमिक आँकड़े प्रश्नावली और साक्षात्कार की सहायता से २५० उत्तरदाताओं से एकत्रित किए गए। आँकड़ों के विश्लेषण के लिए प्रतिशत, औसत, मानक विचलन, सहसंबंध, काई-वर्ग परीक्षण तथा टी-परीक्षण जैसी सांख्यिकीय तकनीकों का उपयोग किया गया। अध्ययन के परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और शहरीकरण लैंगिक भूमिकाओं में परिवर्तन के प्रमुख कारक हैं। शिक्षित और शहरी उत्तरदाताओं में लैंगिक समानता के प्रति अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण पाया गया। महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक निर्णयों में भागीदारी के प्रति समाज में स्वीकृति बढ़ रही है। हालाँकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी पारंपरिक सोच और सामाजिक संरचनाओं का प्रभाव देखा गया। अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि यदि शिक्षा, आर्थिक अवसरों और सामाजिक जागरूकता को और अधिक बढ़ावा दिया जाए तो भविष्य में लैंगिक समानता की दिशा में और अधिक सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं।
How to Cite This Article
डॉ. रीता मौर्य (2026). भारत में लैंगिक भूमिकाओं में परिवर्तन: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन . International Journal of Multidisciplinary Research and Growth Evaluation (IJMRGE), 7(2), 305-316. DOI: https://doi.org/10.54660/.IJMRGE.2026.7.2.305-316